तकरीबन 15 रोज हो गए हमारे बीच कोई बातचीत नहीं हुई,यूँ तो ज़िंदगी ऊपर से बिलकुल सहज है मगर अंदर बहुत कुछ दरक गया है…..16 साल….एक युग कहलाता है…..इन 16 सालों में क्या क्या नही गुज़र गया….अब तो बच्चे भी बड़े हो गए हैं।तुमने एक बार कहा तो होता कि तुम्हारी ज़िंदगी में कोई धीरे धीरे मेरी जगह ले रहा है। ऐसी क्या कमी थी मेरे प्यार,विश्वास एउम समर्पण में….गर सोचने बैठू तो दिमाग की नसें फटने लगती हैं। उफ कितनी शातिरता से तुम दोनों तरफ रिश्ते निभाते रहे…किसी को…
Read More