संस्थापक

रमा शर्मा

शिक्षा– जीवन के धरातल पर रहना

सम्प्रति– संथापक,  प्रधान संपादक एवं संरक्षक, हिन्दी की गूँज पत्रिका (जापान से निकालने वाली पहली हिन्दी पत्रिका), अध्यक्ष, कल्चरल सेंटर, टोक्यो जापान

कार्य क्षेत्र: हिन्दी का प्रचार प्रसार , भारतीय संस्कृति की सेवा और किन्नर समाज के सुधार और उद्धार के विशेष रूप से कार्यरत

प्रकाशित पुस्तकें– आतप जीवनम् ,मुरझाते फूल , बहते पानी के साथ बहना, दिल की बातें, देहरी पर दीपक, 4 पुस्तकें प्रकाशन में

साझा संग्रह – 30 पुस्तकें

संपादित पुस्तकें– अपनी अपनी धरती , अपना अपना आसमान, अपने अपने सपने। समय समय पर पुस्तकों में कहानी, लेख व कविता  प्रकाशित होते रहते हैं।

लेखन विधा – कविता, कहानी,लेख, लघुकथा, उपन्यास

उपलब्धियाँ– जापान में हिन्दी संस्कृति व समाज सेवी के रूप में विख्यात, भारतीय खाना के लिए प्रसिद्ध, हिन्दी साहित्य समाज मेंकवियित्री  के रूप में प्रसिद्ध, एन एच के  व अन्य जापानी टी वी चैनल पर  भारतीय खाना  और  भारतीय संस्कृति के अनेक कार्यक्रम । सुनामी पीड़ित लोगों की सेवा में जापानी सरकार द्वारा पुरस्कृत । भारत में  भी समय समय पर पुरस्कृत ।

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