मेरे सपनों का भारत…

मेरे सपनों का भारत सुंदर और  सलोना हो, उत्तर से दक्षिण तक  महकता हर  कोना हो। सभी के  आँगन में उन्नति की  सुनाई दे  गूँज, देश में न कोई निर्धन, न किसी  का रोना हो।।   जातीयता मज़हब का न अनर्गल  प्रलाप हो, हर बच्चे को श्रेष्ठ शिक्षा पाने का हिसाब हो। बेटा बेटी में न कहीं कोई भी न ही विभेद करे, विषता कटुता का दिलों में न बहता श्राप हो।।   पढ़े  लिखे नवयुवकों को  कहीं रोज़गार मिले, प्रत्येक व्यक्ति के चेहरे पर सदा मुस्कान खिले। किसी के…

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